Failed Romantic Relationship: क्या संबंध टूटने पर बनता है बलात्कार का केस? BNS 2023

Failed romantic relationship पर अदालतों का महत्वपूर्ण दृष्टिकोण सामने आया है। यदि सहमति से बने सम्बन्ध बाद में असफल हो जाए तो केवल सम्बन्ध टूटने के आधार पर गंभीर आपराधिक आरोप स्वतः स्थापित नहीं होते हैं।

Live-in-Relationship छुपाकर शादी करना धोखा,2026? कोर्ट ने रद्द किया विवाह – जानिए पूरा कानून

प्रस्तावना क्या किसी शादी से पहले चल रहे Live-in-Relationship को छुपाकर शादी करना कोई गुनाह है ? हाल ही मे झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय Sidharth Rao @ Rahul vs Priyanka Sahi में स्थापित किया गया है कि विवाह से पहले चल रहे Live-in-Relationship जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को एक पक्ष द्वारा छुपाया जाना … Read more

Discharge क्या है? सिद्धांत, प्रावधान और न्यायिक दृष्टिकोण

Discharge in criminal law explained graphic

प्रस्तावना: Discharge (उन्मोचन) न्यायक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है | न्यायक प्रक्रिया के दौरान किया गया Discharge आदेश अभियुक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण न्यायिक सुरक्षा प्रदान करता है | इस प्रक्रियातमक कानूनी प्रावधान का उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना पर्याप्त कानूनी आधार के लम्बी और कठोर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से बचाना है | … Read more

भारत में फर्जी विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई: पूरी सूची 2026 और UGC रिपोर्ट

1.भूमिका:फर्जी विश्वविद्यालय का बढ़ता खतरा फर्जी विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई क्यों नहीं? यह सवाल आज भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रश्नचिन्ह बन चुका है… विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फरबरी 2026 में देश में चल रहे फर्जी विश्वविद्यालयों की एक सूची जारी की है | इस सूची से पता चलता है कि भारत के … Read more

रु 54,000 करोड़ का Digital Fraud: Supreme Court ने क्यों कहा “लूट या डैकेती”?

54000 करोड़ digital fraud पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी दर्शाता ग्राफिक

रु 54,000 करोड़ के विशाल डिजिटल फ्रॉड पर Supreme Court of India की कड़ी टिप्पणी ने साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर कर दिया। जानिए कोर्ट ने इसे “लूट या डकैती” क्यों कहा, जांच की पृष्ठभूमि क्या है और इसका कानून व आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा।

UGC Regulations 2012 से 2026 तक: जवाबदेही, पारदर्शिता और छात्र अधिकारों की नई नियामक रूपरेखा

UGC विनियम 2012–2026: उच्च शिक्षा सुधार का निर्णायक दौर, जवाबदेही और छात्र अधिकार

UGC विनियम 2012 से 2026 तक भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में आए नियामक बदलावों का विश्लेषण—जवाबदेही, पारदर्शिता और छात्र मानव अधिकारों के संवैधानिक संदर्भ में।